Navratri Bhajans



Navratri Bhajans

  Mata Ji Ke Bhajan

माता  जी के भजन


(1)

"नवरात्रे आए हरे हरे"

सब मिल जुल कर मैया को मनओ 
नवरात्रे आए हरे हरे
नवरात्रे आए हरे हरे 
नवरात्रे आए मैया के

नौ बहनो की टोली देखो कैसी अजब निराली ...2
हाथो में है रचनी मेहंदी कांधे चुनर डाली ...2
नवरात्रे    हरे हरे,  
 नवरात्रे    आए मैया के
सब मिल जुल कर मैया को मननवरात्रे   आए हरे हरे

पान सुपारी ध्वजा नारियल तेरी भेंट चढाऊँ …2
हलवा चढाऊँ  तो पे मैया, छप्पन भोग लगाऊँ…2
नवरात्रे   आए हरे हरे
नवरात्रे  आए मैया के
सब मिल जुल कर मैया को मननवरात्रे आए हरे हरे

ना मागू हीरा मोती ना चाँदी ना सोना …2
मै तो मागू तेरे हय में एक छोटा सा कोना …2
नवरात्रे   आए हरे हरे ,  
नवरात्रे   आए मैया के
सब मिल जुल कर  मैया को मनाओ  नवरात्रे  आए हरे हरे

मनोकामना हो जो परी मै यह वचन निभाऊ …2
जोर शोर से मैया तेरा जगराता करवाऊं …2
 नवरात्रे  आए हरे हरे
नवरात्रे  आए मैया के
सब मिल जुल कर मैया को मनाओ  नवरात्रे   आए हरे हरे

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(2)

"हम तो है चाकर मैया"

मेरी अखियों के सामने ही रहना ओ शेरोवाली जगदमबे ...2

हम तो है चाकर
 मैया तेरे दरबार के ...2
ओ भूखे हैं हम तो, 
मैया भूखे हैं हम तो मैया बस तेरे प्यार के
मेरी अखियों के सामने ही रहना माँ ओ शेरोवाली जगदमबे

विनती हमारी भी अब करो मंजूर माँ ...2
ओ चरणों से हम को कभी
चरणों से हम को कभी
करना ना दूर माँ,
मेरी अखियों के सामने ही रहना ओ शेरोवाली जगदमबे ...2


मुझे जान के अपना ही बालक, सब भूल तू मेरी भूला देना ...2
ओ शेरोवाली जगदमबे आँचल में मुझे छुपा लेना,
मेरी अखियों के सामने ही रहना माँ शेरोवाली जगदमबे

तुम हो शिव जी की शक्ति, मैया शेरोवाली ...2
मेरे भोले की, ओ मेरे भोले की शक्ति
मैया शेरोवली, मेरे भोले की शक्ति,
तुम हो दुर्गा हो अम्बे, मैया तुम हो काली,
बन के अमृत की
 बन के अमृत की धार सदा बहना ओ शेरोवाली ...2
मेरी अखियों के सामने ही रहना ओ शेरोवाली जगदमबे

तेरे बालक को तभी माँ सबर आए ...2     
जहाँ देखूं मैं तू ही तू नजर आए
मुझ इसके
मुझे इसके सिवा कुछ ना कहना ओ शेरोवाली ...2  
मेरी अखियों के सामने ही रहना ओ शेरोवाली जगदमबे

दे दो  भगतो को भक्ति का दान मैया जी
अपने  भगतो को हां हां अपने भगतो को माता,
अपने भगतो को भक्ति का दान मैया जी
ओ हम सब गाते रहें तेरा गुणगान मैया जी
है भजन तेरा
है भजन तेरा भगतो का गहना
मेरी अखियों के सामने ही रहना 
ओ शेरोवाली जगदमबे
ओ शेरोवाली ओ मेहरोंवाली जगदमबे ...2

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(3)

"पौड़ी पौड़ी चढ़ता जा"

सारे बोलो जय माता दी, प्रेम से बोलो जय माता दी
मिल के बोलो जय माता दी, जोर से बोलो जय माता दी

जयकारा शेराँ ली दा
बोल साँचे दरबार की जय
पौड़ी पौड़ी चढ़ता जा 
भगता जय माता की करता जा .
ऊँचे पर्वतों की चढ़ लो चढ़ाई भगतो,  
सुंदर गुफा में विराजे महामाई भगतो ……2

पौड़ी पौड़ी चढ़ता जा 
भगता जय माता की करता जा,   
जय माँ,जय माँ, जय जय माँ…2


कटड़ा से चल दर्शन द्वार पे आगे कदम बढ़ा लो,
बाण गंगा के शीतल जल में डुबकी एक लगा लो
डुबकी एक लगा लो ……..2
चरण पादुका मंदिर में भी  झुक कर माथा टेको,
र्द्ध कवारी, गर्भ जून का भाव से जलवा देखो,  
भाव से जलवा देखो …..2
ऋतु अंबे माँ  के दर्शनों की आयी भगतो,
सुंदर गुफा में विराजे महामाई भगतो …..2


पौड़ी पौड़ी चढ़ता जा 
भगता जय माता की करता जा …..2

सारे बोलो जय माता दी
प्रेम से बोलो जय माता दी
मिल के बोलो जय माता दी,  
जोर से बोलो जय माता दी
जयकारा ज्योतावाली दा  
बोल साँचे दरबार की जय

हाथी मत्था कठिन रास्ते देख ना हिम्मत हारो,
माँ के भगतो अम्बे माँ का मन से नाम ऊचारों
मन से नाम चारों……2
साँझी छत पर रुक कर अपनी थोड़ी थकन मिठाओ,
श्रद्धा भाव से तुम कंजको को पैसे दे के जाओ,  
पैसे दे के जाओ……….2
सच्ची भावना से कर लो कमाई भगतो,  
सुंदर गुफा में विराजे महामाई भगतो

पौड़ी पौड़ी चढ़ता जा 
भगता जय माता की करता जा

माँ के चरणों की गंगा में अपनी धो लो काया,
वैष्णो देवी के दर्शनों  का पावन अवसर आया,  
पावन अवसर आया ...2

गुफा के अन्दर पिंडियों का देखो आज नजारा,
झुक के यहां पर लेता मुरादे कहते  हें जग सारा,  
कहते  हें जग सारा ...2
होती सबकी हें यहां सुनवाई भगतो,  
सुंदर गुफा में विराजे महामाई भगतो ,

पौड़ी पौड़ी चढ़ता जा 
भगता जय माता की करता जा

धरती बोले जय माता दी
अम्बर बोले जय माता दी


पर्वत बोले जय माता दी,

नदिया बोले जय माता दी,

पवन बोले जय माता दी,
झरना बोले जय माता दी,
मै भी बोलूँ जय माता दी,  
पर्वत बोले जय माता दी
नदिया बोले जय माता दी,
पवन बोले जय
तुम भी बोलो जय माता दी,

जयकारा शेराँवाली दा ... बोल साँचे दरबार की जय
जयकारा ज्योतावाली दा ... बोल साँचे दरबार की जय
जयकारा पहाड़ावाली दा ... बोल साँचे दरबार की जय


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(4)


"दुर्गा है मेरी  माँ"

जयकारा शेरोंवाली का
बोल साँचे दरबार की जय

दुर्गा है मेरी  माँ,  अंबे है मेरी माँ
ओ बोलो जय  माता की,  जय हो
ओ बोलो जय माता की,  जय हो

जो भी दर पे आएजय हो
वो खाली ना जाएजय हो
सब के ग़म कम हैं करती, जय हो,
सब के दुखड़े हरतीजय  हो
ओ मैया शेराँ ली, जय हो
भर दो झोली खाली,  जय  हो
दुर्गा है मेरी माँअंबे है मेरी  माँ,  

 मेरी माँ शेरोंवाली
पूरे करे अरमान जो सारे
देती है वरदान जो सारे,
अंबे ज्योतांवालिए
दुर्गा है मेरी  माँ , अंबे है मेरी माँ

ऊँचे मंदिरांवालिए, शेराँ वालिए

सारे जग को खेल खिलाये
बिछड़ों को जो खब मिलाये


दुर्गा मेहरावालिये
दुर्गा है मेरी  माँ , अंबे है मेरी माँ
ऊँचे मंदिरावालिए, शेराँ वालिए

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(5)

"प्यारा सजा है"

दरबार तेरा दरबारों में इक खास एह्मियत रखता है
उसको वैसा मिल जाता है जो जैसी नीयत रखता है

प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी  ….2
बड़ा न्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी
क्तों की लगी है कतार भवानी

ऊँचे पर्वत भवन निराला ….2  
आके सीस नवावे संसार भवानी
प्यारा सजा है तेरे द्वार भवानी ….2

जग मग जग मग  जोत जगे है,….2  
तेरे चरणों में गंगा की धार भवानी
तेरे चरणों में गंगा के धार भवानी,
तेरे भक्तों की लगी है कतार भवानी

प्यारा सजा है तेरे द्वार भवानी ….2
लाल चुनरिया लाल लाल चूड़ा …. 2  
गले लाल लों के सोहे हार भवानी
बड़ा प्यारा सजा है तेरे द्वार भवानी ….2

सावन महीना मैया झूला झूले ….2    
देखो रूप कंजको का धार भवानी
प्यारा सजा है तेरे द्वार भवानी ….2

पल में भरती झोली खाली ….2 
तेरे खुल्ले दया के भंडार भवानी
तेरे भक्तो  की लगी है कतार भवानी
प्यारा सजा है तेरे द्वार भवानी ….2

हम सब को है तेरा सहारा माँ ….2 
कर दे  अपने सरन का बेड़ा पार  भवानी
बड़ा प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी
भक्तों की , तेरे भक्तों की

यहाँ भक्तों के लगी है कतार भवानी
प्यारा सजा है तेरे द्वार भवानी

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(6)

"पार करो मेरा बेड़ा भवानी"

पार करो मेरा बेड़ा भवानी, पार करो मेरा बेड़ा
पार करो मेरा बेड़ा भवानी, पार करो मेरा बेड़ा

पार करो मेरा बेड़ा भवानी, पार करो मेरा बेड़ा
छाया घोर अंधेरा भवानी, छाया घोर अंधेरा
पार करो मेरा बेड़ा भवानी, पार करो मेरा बेड़ा

गहरी नदिया नाव पुरानी
, दया करो माँ अम्बे भवानी
सबको आसरा तेरा भवानी  सबको आसरा तेरा
पार करो मेरा बेड़ा भवानी, पार करो मेरा बेड़ा

मै निर्गुणया गुण नहीं कोई, मैया जगा दो किस्मत सोई
देखियो  ना गुण मेरा भवानी, देखियो ना गुण मेरा
पार करो मेरा बेड़ा भवानी, पार करो मेरा बेड़ा

जग जननी तेरी जोत जलाई
, एक दीदार की आस लगायी
ह़ृदय में करो बसेरा भवानी, ह़ृदय में करो बसेरा
पार करो मेरा बेड़ा भवानी, पार करो मेरा बेड़ा

भगतो को माँ ऐसा कर
 दो, प्यार के एक नजर माँ कर दो
लूट  पाप लुटेरा  भवानी, लूटे पाप लुटेरा
पार करो मेरा बेड़ा भवानी, पार करो मेरा बेड़ा
 
पार करो मेरा बेड़ा भवानी, पार करो मेरा बेड़ा
पार करो मेरा बेड़ा भवानी, पार करो मेरा बेड़ा

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(7)

"देना देना
हमे अटल सुहाग जगम्बे  मैया"


देना देना हमे अटल सुहाग जगम्बे  मैया ...2

जैसा सुहाग तुमने सावित्री को
 दीना
मिल गए उन्हे  सत्यवान जगम्बे मैया
देना देना हमे अटल सुहाग जगम्बे मैया …2

जैसा सुहाग तुमने सीता
जी को दीना
मिल गए उन्हे श्रीराम जगम्बे मैया
देना देना हमे अटल सुहाग जगम्बे  मैया …2 
  
   जैसा सुहाग तुमने लक्षमी जी को दीना                                  
मिल गए उन्हे भगवान जगम्बे मैया
देना देना हमे अटल सुहाग जगम्बे मैया …2

जैसा सुहाग तुमने गरा जी को दीना
मिल गए उन्हे भोले नाथ जगम्बे  मैया
देना देना हमे अटल सुहाग जगम्बे  मैया …2

जैसा सुहाग तुमने रुक्
मणि को दीना
मिल गए उन्हे घनश्याम   जगम्बे  मैया
देना देना हमे अटल सुहाग जगम्बे  मैया …2

वैसा सुहाग हम सखि
यों  को देना
अमर रहे सौभाग  जगम्बे  मैया,
देना देना हमे अटल सुहाग जगम्बे मैया ...2


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(8)
"भगतो को दर्शन दे गयी रे"

भगतो को दर्शन दे गयी रे इक छोटी सी कन्या ...2

इक छोटी से कन्या
, इक छोटी से कन्या
भगतो को दर्शन दे गयी रे इक छोटी सी कन्या ...2

भगतो ने पूछा मैया नाम तेरा क्या है ...2
वैष्णो
 माँ बता गयी रे, इक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे गयी रे इक छोटी सी  कन्या
 भगतो ने पूछा मैया धाम तेरा कहाँ है ...2
पर्बत त्रिकुट बता गयी रे
, इक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे गयी रे इक छोटी सी कन्या

भगतो ने पूछा मैया सवारी तेरी क्या है ...2
पीला शेर बता गयी रे
,इक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे गयी रे इक छोटी सी कन्या
भगतो ने पूछा मैया प्रसाद तेरा क्या है ...2
हलवा पूरी चना बता गयी रे
, इक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे गयी रे इक छोटी सी कन्या
 
भगतो ने पूछा मैया श्रृंगार तेरा क्या है ...2
चोला लाल बता गयी रे
, इक छोटी सी कन्या  

भगतो को दर्शन दे गयी रे इक छोटी सी कन्या
भगतो ने पूछा मैया  शस्त्र  तेरा क्या है ...2
त्रि
शूल चक्र बता गयी रे, इक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे गयी रे इक छोटी सी कन्या


भगतो ने पूछा मैया सबसे प्यारा तेरा क्या है ...2
भगतो का प्यार बता गयी रे, इक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे गयी रे इक छोटी सी कन्या


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(9)

"दरबार वाली आरती"

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे…………..2
हो रही जय जय कार मंदिर विच आरती जय माँ ।

हे दरबारा वाली आरती जय माँ
,
पहाड़ा  वाली आरती जय माँ


काहे दी मैया तेरी आरती बनावा………………2
काहे दी पावां विच बाती मंदिर विच आरती जय माँ ।

सुहे चोले वाली आरती जय माँ
हे माँ पहाड़ा वाली आरती जय माँ ॥


सर्व सोने दी आरती बनावा
…………2,
अगर कपूर पावां बाती मंदिर विच आरती जय माँ

हे माँ पिंडी रानी आरती जय माँ
, 
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ 

कौन सुहागन दिवा बालेया मेरी मैया………..2,
कौन जगेगा सारी रात मंदिर विच आरती जय माँ
सच्चिया ज्योतां वाली आरती जय माँ ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ 


सर्व सुहागिन दिवा बालेया  मेरी अम्बे……….2, 
 ज्योत जगेगी सारी रात मंदिर विच आरती जय माँ
हे माँ त्रिकुटा रानी आरती जय माँ
,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ 


जुग जुग
 जीवे तेरा जम्मुए दा राजा…….2,
जिस तेरा भवन बनाया मंदिर विच आरती जय माँ

हे मेरी अम्बे रानी आरती जय माँ
, 
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ

सिमर चरण तेरा ध्यानु यश गावे
………….2,
जो ध्यावे सो
, यो फल पावे,रख बाणे दी लाज,
मंदिर विच आरती जय माँ
, 
सोहने मंदिरां वाली आरती जय माँ ॥

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे
,
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे,
हो रही जय जय कार मंदिर विच आरती जय माँ ।

हे दरबारा वाली आरती जय माँ 
ओ पहाड़ा वाली आरती जय माँ 

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हनुमान जी के भजन

(1) 

"दुनिया चले ना श्रीराम के बिना"

दुनिया चले ना श्रीराम के बिना
राम जी चले ना हनुमान के बिना
राम जी चले ना हनुमान के बिना,  
राम जी चले ना हनुमान के बिना

जब से रामायण पढ ली है
एक बात मैने  समझ ली है
रावण मरे ना श्रीराम के बिना,  
लंका जले ना हनुमान के बिना
दुनिया चले ना श्रीराम के बिना,  
राम जी चले ना हनुमान के बिना

लक्ष्मण का बचना मुश्किल था
कौन बूटी लाने के काबिल था
लक्ष्मण बचे ना श्रीराम के बिना,  
बूटी मिले ना हनुमान के बिना
दुनिया चले ना श्रीराम के बिना,  
राम जी चले ना हनुमान के बिना

सीता हरण के कहानी सुने
बनवारी मेरी जुबानी सुने
सीता मिलें ना श्रीराम के बिना,  
पता चले ना हनुमान के बिना
दुनिया चले ना श्रीराम के बिना
राम जी चले ना हनुमान के बिना

बैठे है सिंहासन पर श्रीराम जी
,  
चरणों में बैठे  है हनुमान जी
मुक्ति मिले ना श्रीराम के बिना,  
भक्ति मिले ना हनुमान के बिना
दुनिया चले ना श्रीराम के बिना
राम जी चले ना हनुमान के बिना

दुनिया चले ना श्रीराम के बिना
राम जी चले ना हनुमान के बिना


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(2) 

  "आज मंगलवार है"

आज मंगलवार है महावीर का वार है, ये सच्चा दरबार है
च्चे मन स जो को ध्यावे उसका बेड़ा पार है

आज मंगलवार है महावीर का वार है , ये सच्चा दरबार है
च्चे मन स जो को ध्यावे उसका बेड़ा पार है 

चैत सुदी पूनम मंगल का 
जन्म वीर ने पाया है, जन्म वीर ने पाया है, …2
लाल लंगोट गदा हाथ है
सिर पर मुकुट सजाया है, सिर पर मुकुट सजाया है
शंकर का अवतार है
, महावीर का वार है,
च्चे मन स जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है

आज मंगलवार है
, महावीर का वार है, यह सच्चा दरबार है
 च्चे मन स जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है

ब्रह्माजी के ब्रह्म ज्ञान का 
फल भी तुम ने पाया है , फल भी तुमने पाया है …2
राम काज शिव शंकर ने 
वानर का रूप धार लिया है , वानर का रूप धार लिया है
लीला अपरम्पार है
, महावीर का वार है,
च्चे मन स जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार है
, महावीर का वार है, यह सच्चा दरबार है 
च्चे मन स जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है

बालापन में महावीर ने 

हरदम ध्यान लगाया है हरदम ध्यान लगाया है …2
शरण दिया ऋषियों ने तुम को
ब्रह्म ध्यान लगाया है, ब्रह्म ध्यान लगाया है
राम रामा रार है
, महावीर का वार है
च्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार है
, महावीर का वार है, यह  सच्चा दरबार है 
च्चे मन स जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है

राम जन्म हुआ अयोध्या में 
कैसा नाच नचाया है , कैसा नाच नचाया है …2
कहा राम ने लक्ष्मण से 
यह वानर मन को भाया है वानर मन को भाया है
राम चरण से प्यार है महावीर का वार है

च्चे मन जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार है
, महावीर का वार है, यह सच्चा दरबार है 
च्चे मन स जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है

पंचवटी से माता को जब 
रावण लेकर आया है , रावण लेकर आया है …2
लंका में जाकर तुम ने माता का पता लगाया है
, पता लगाया है 
अक्षय को मार है , महावीर का वार है,
च्चे
   मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार है
, महावीर का वार है, यह सच्चा दरबार है 
च्चे मन स जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
 
मेघना ने ब्रह्म पाश में
तुमको आन फँसाया है , तुमको आन फँसाया है …2
ब्रह्मपाश में पुष्कर के 
ब्रह्मा का मान बढ़ाया है ,ब्रह्मा का मान बढ़ाया है,
बज
रंगी वा की मार है, महावीर का वार है,
च्चे  मन सो जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है,
आज मंगलवार है
, महावीर का वार है, यह सच्चा दरबार है 
च्चे मन स जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है

लंका जलाई आपने जब 
रावण भी घबराया है , जब रावण भी घबराया है …2
श्रीराम लखन को आन कर 
माँ का संदेश सुनाया है , माँ का संदेश सुनाया है
सीता
क अपार है, महावीर का वार है,
च्चे मन सो जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार है
, महावीर का वार है, यह सच्चा दरबार है 
च्चे मन सो जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है

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"श्री अंबा मां की आरती"

जय अंबे गौरी , मैया जय श्यामा गौरी ।
तुमको निशदिन ध्यावत , हरि ब्रह्मा शिवरी ॥
ॐ जय अंबे गौरी

मांग सिंदूर विराजत , टीको मृगमद को ।
उज्ज्वल से दोउ नैना , चंद्रवदन नीको ॥
ॐ जय अंबे गौरी

कनक समान कलेवर, रक्तांबर राजै ।
रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै ॥
ॐ जय अंबे गौरी

केहरि वाहन राजत
, खड्ग खप्पर धारी ।
सुर-नर-मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी ॥
ॐ जय अंबे गौरी

कानन कुण्डल शोभित
, नासाग्रे मोती ।
कोटिक चंद्र दिवाकर, राजत सम ज्योती ॥
ॐ जय अंबे गौरी

शुंभ-निशुंभ बिदारे
, महिषासुर घाती ।
धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती ॥
ॐ जय अंबे गौरी

चण्ड-मुण्ड संहारे
, शोणित बीज हरे ।
मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे ॥
ॐ जय अंबे गौरी

ब्रह्माणी
, रूद्राणी, तुम कमला रानी ।
आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी ॥
ॐ जय अंबे गौरी

चौंसठ योगिनी मंगल गावत
, नृत्य करत भैंरू ।
बाजत ताल मृदंगा, अरू बाजत डमरू ॥
ॐ जय अंबे गौरी

तुम ही जग की माता
, तुम ही हो भरता ।
भक्तन की दुख हरता, सुख-संपत्ति करता ॥
ॐ जय अंबे गौरी

भुजा चार अति शोभित
, वरमुद्रा धारी । 
मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी ॥
ॐ जय अंबे गौरी

कंचन थाल विराजत
, अगर कपूर बाती ।
श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योती ॥
ॐ जय अंबे गौरी

श्री अंबे जी की आरति
, जो कोइ नर गावे ।
कहत शिवानंद स्वामी सुख-संपत्ति पावे ॥
ॐ जय अंबे गौरी

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         Jai Ambe Gauri Aarti          


* Jai ambe gaurii maiyaa, Jai shyaamaa gaurii
  Nishadin tumako dhyaavat, Hari brahma shivajii

"Glory to you, O divine Mother Gauri, glory to you, O Parvati, who are so rich in maiden grace (virgin beauty), the object of daily meditation by Vishnu, Brahma and Shiva!"



* Maang sinduur viraajat, Tiko mrig madako 
   Ujjvala se dauu nainaa, Chandravan niiko

"O Ambe! On your forehead is a resplendent mark of vermilion along with a mark of musk (signifying good luck). Your twin eyes are bright and your face beautiful as the moon."



* Kanak  samaan kalevar, Raktaambar raaje
   Raktapushp galamaalaa, Kanthahaar saaje

"Your body with a tinge of gold is splendidly dressed in red attire; on your throat lies a wreath of red blossoms like a beautiful necklace."



* Kehari vaahan raajat, Khadag khappar dhaari
   Sur nar muni jana sevat, Tinake dukh haari

"Your vehicle, the lion, is, O Mother in keeping with your splendid form; you bear a sword and a skull in your hands, and on you attend the gods, men, hermits and your votaries whose grief you drive away."



* Kaanan kunadal shobhit, Naasaagre motii
   Kotik chandra divaakar, Sam raajat jyotii

"You are adorned with rings on your ears and with pearl on the tip of your nose, your radiance looks as splendid as that of myriad of suns and moons."



* Shumbh nishumbh bidaare, Mahishaasura ghaatii
   Dhuumra vilochan nainaa, Nishadin madamaatii

"O slayer of the demon Mahisha, you tore apart the bodies of Shumbha, Nishumbha and Dhuumravilochana. (In the battle waged against them) your eyes reflected a frenzy of fury everyday and night."


* Brahmaanii rudraanii, Tum kamalaa raanii
  Aagam-nigam bakhaanii, Tum shiv pataraanii

"You are the beloved consort of Brahma, Rudra and Vishnu. The Vedas and the Shastras describe you as the queen consort of Shiva,"



* Chausath yoginii gaavata, Nritya karat bhairon
   Baajat taal mridang, Aur baajat damaruu

"Sixty-four Yoginis chorus your praise and glorify you, while Bhairava (Shiva) dances in tune to the accompaniment of the sound of tambour (mridanga) and drum (damaru)."



* Tum ho jaga kii maataa, Tum hii ho bhartaa
   Bhaktan kii dukh hartaa, Sukh sampatti kartaa

"You are mother of the universe, its sustainer, reliever of your devotees' affliction and bestower of happiness and prosperity."



* Bhujaa chaar ati shobhit, Var mudraa dhaarii
   Man Vaanchit phal paavat, Sevat nar naarii

"The four arms you have adorned your person, while the hand raised in benediction reveals your benign aspect. Those among men and women who wait on you and worship you have all their cherished wishes ever fulfilled."



* Kanchan thaal viraajat, Agaru kapuur baatii
  Maalaketu mein raajat, Kotiratan jyotii

"In a golden platter are beautifully laid aloe and camphor, both of which have lighted (to be waved before you); in he radiance of your forehead is reflected the splendour of a myriad gems."

* Jai ambe gaurii maiyaa, Jai shyaamaa gaurii
 Nishadin tumako dhyaavat, Hari brahma shivajii


"Glory to you, O divine Mother Gauri, glory to you, O Parvati, who are so rich in maiden grace (virgin beauty), the object of daily meditation by Vishnu, Brahma and Shiva!"



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"श्री दुर्गा चालीसा"


नमो नमो दुर्गे सुख करनी
नमो नमो अंबे दुःख हरनी

निरंकार है ज्योति तुम्हारी
तिहु लोक फैली उजियारी

शशि ललाट मुख महाविशाला
नेत्र लाल भृकुटि  विकराला

रूप मातु को अधिक सुहावे
दरश करत जन अति सुख पावे

तुम संसार शक्ति ले कना
पालन हेतु अन्न धन दना


अन्नपूर्णा हुई जग पाला
तुम ही आदि सुंदरी बाला

प्रलयकाल सब नाशन हारी
तुम गौरी शिव शंकर प्यारी

शिव योगी तुम्हे गुन गावे
ब्रह्म विष्णु तुम्हे नित ध्यावे

रूप सरस्वती का तुम धारा
देत सुबुद्धि ऋषि मुनि उबारा

धर यो रूप नरसिंह को अम्बा
प्रगट भई फाड़ कर खम्बा

रक्षा कर प्रहलाद बचायो
हिरन्यकुश को स्वर्ग पठायो

लक्ष्मी रूप धरो जग माहि
श्री नारायण अंग समाहि

क्षीर सिन्धु में करत विलासा
दया सिन्धु दीजे मन आसा

हिंगलाज में तुम्ही भवानी
महिमा अमित न जात बखानी

मातंगी धूमावती माता
भु श्वरी बगला सुख दाता

श्री भैरव तारा जग तारिणी
छिन् न भाल भावः दुःख निवारिणी
 


केहर वाहन सोह भवानी
ांगुर वीर चलत अगवानी 

कर में खप्पर खडग विराजे
जाको देख काल डर भाजे

सोहे अस्त्र और त्रिशूला   

जाते उठत शत्रु हिय शूला
  नगरकोट में तुम्ही बिराजत
तिहु लोक में डंका बाजत

शुम्भ निशुम्भ दानव तुम मारे
रक्त बीज - शंखन संहारे

महिषासुर नरप अति अभिमानी

जेहि
 अघ  भार महि अकुलानी
रूप कराल कलि को धरा
सेन सहित तुम तिहि संहार 

परी भीड़ संतन पर जब जब
भई सहाय मातु तुम तब तब


अमरपुरी
अरु  बासव लोक
महिमा सब रहे अशोका
ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी
तुम्हे सदा पूजे नर नारी


प्रेम भक्ति से जो जस गावे

दुःख दारिद्र निकट नही आवे


ध्यावे तुम्हे जो नर मन ला
जनम मरण ताकौ छुटि जाई


जोगी सुर-मुनि कहत पुकारी

योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी


शंकर आचरज तप कीनो

काम अरो क्रोध
जीति तिन लीनो
 
निशदिन ध्यान धरो शंकर को

काहू काल नही सुमिरो तुमको


शक्ति रूप को मर्म न पायो

शक्ति गयी तब मन पछतायो

शरणागत हुई कीर्ति बखानी

जय जय जय जगदम्ब भवानी


भई प्रसन्न आदि जगदम्बा
शक्ति नही कन विलम्बा

मोको मातु कष्ट अति घेरो
तुम बिन कौन हरे दुःख मेरो


 आशा तृष्णा निपट सतावे
रिपु मरख मोहि अति डरवावे
शत्रु नाश कीजे महारानी
सुमिरो इकचित तुम्हे भवानी

करो कृपा हे मातु दयाला
ऋद्धि सिद्धि दे करहु निहाला


जब लग जियूँ दयाफल पाऊ
तुम्हरो जस मैं सदा सुनाऊँ
दुर्गा चालीसा जो कोई गावे
सब सुख भोग परम पद पावे

देवदास शरण निज जानी
करहु कृपा जगदम्ब भवानी


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Shree Durga Chaalisa




Namo Namo Durge Sukh Karni
Namo Namo Ambe Dukh Harni

Nirankar Hai Jyoti Tumhari

Tihu Lok Faili Ujiyari

Shashi Lalat Mukh Mahavishala

Netra Lal Brukuti Vikrala

Roop Matu Ko Adhik Suhavey

Darash Karat Jan Ati Sukhpavay

Tum Sansar Shakti Lay Kina

Paalan Hetu An Dhan Dina

Annpoorna Hui Jag Paala

Tum Hi Aadi Sundari Bala

Pralaykaal Sab Naashan Haari

Tum Gauri Shiv Shankar Pyari

Shiv Yogi Tumharey Gun Gavey

Brahma Vishnu Tumhe Nit Dhyavey

Roop Saraswati Ko Tum Dhaara

De Subuddhi Rishi Muni Ubaara

Dhara Roop Narsinha Ko Amba

Pargat Bhayee Phad Kar Khamba

Raksha Kar Prahlad Bachayo

Hirnakush Ko Swarg Pathayo

Lakshmi Roop Dharo Jag Mahi

Shri Narayan Ang Samahi

Shirsindhu Mein Karat Vilaasa

Dayasindhu Deejay Man Aasa

Hinglaaj Mein Tumhi Bhavani

Mahima Amit Na Jaat Bakhani

Maatangi Dhumavati Mata

Bhunvenshwari Bagla Sukh Daata

Shri Bhairav Tara Jag Taarini

Shin Bhaal Bhav Dukh Nivarini

Kehar Vaahan Soh Bhavani

Laangur Veer Chalat Agvaani

Kar Mein Khappar Khadag Virajey

Jaako Dekh Kaal Dar Bhaajey

Sohay Astra Aur Trishula

Jaatey Uthat Shatru Hiya Shoola

Nagarkot Mein Tumhi Birajat

Tihu Lok Mein Danka Baajat

Shumbh Nishumbh Daanav Tum Maarey

Rakt Beej Shankhan Sanhaarey

Mahishasur Narp Ati Abhimaani

Jehi Ag Bhaar Mahi Akulani

Roop Karaal Kali Ko Dhaara

Sen Sahit Tum Tihi Sanhaara

Pari Bheed Santan Par Jab Jab

Bhayee Sahay Maatu Tum Tab Tab

Amar Puri Auron Sab Loka

Tab Mahima Sab Rahey Ashoka

Jwaala Mein Hai Jyoti Tumhari

Tumhe Sada Pujey Nar Nari

Prem Bhakti Se Jo Jas Gaavey

Dukh Daaridra Nikat Nahi Aavey

Dhyavey Tumhe Jo Nar Man Laai

Janam Maran Taako Chuti Jaai

Jogi Sur-Muni Kahat Pukari

Yog Na Ho Bin Shakti Tumhari

Shankar Aacharaj Tap Kino

Kaam Aro Krodh Jiti Sab Lino

Nishdin Dhyan Dharo Shankar Ko

Kaahu Kaal Nahi Sumiro Tumko

Shakti Roop Ko Maram Na Paayo

Shakti Gayee Tab Man Pachtaayo

Sharnagat Hui Kirti Bakhaani

Jai Jai Jai Jagdamb Bhavani

Bhayi Prasan Aadi Jagdamba

Dai Shakti Nahi Kin Vilamba

Moko Maatu Kasht Ati Gero

Tum Bin Kaun Harey Dukh Mero

Aasha Trishna Nipat Satavey

Ripu Murakh Mohi Ati Dar Paavey

Shatru Naash Keejay Maharani

Sumiro Ikchit Tumhe Bhavani

Karo Kripa Hey Maatu Dayala

Ridhi Sidhi Dey Karahu Nihala

Jab Lagi Jiyo Dayafal Paau

Tumharo Jas May Sada Sunau

Durga Chalisa Jo Koi Gaavey

Sab Sukh Bhog Param Pad Paavey

Devidas Sharan Nij Jaani

Karahu Kripa Jagdamb Bhavani


Jai Ambe Jai Jai Durge

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